हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2020

हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2020 इस साल के आखिर तक होंगे पंचायत एवं निकाय चुनाव पढ़े महत्वपूर्ण तिथियाँ

हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2020 इस साल के आखिर तक होंगे पंचायत एवं निकाय चुनाव पढ़े महत्वपूर्ण तिथियाँ

हिमाचल प्रदेश में तय समय पर पंचायतों व शहरी निकायों के चुनाव (Election) संपन्न कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। तय समय के अनुसार नवंबर माह में आयोजित किए जाने वाले इन चुनावों के मद्देनजर आयोग ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों (DC) को पत्र लिखकर चुनावों से पहले पुनर्सीमांकन व मतदाता सूचियों के नवीनीकरण की प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया है।

बता दें सूबे में कुल 3226 पंचायतें और 54 शहरी निकाय हैं। शहरी निकायों में पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया को 20 अगस्त तक पूरा किया जाएगा। बता दें कि 23 जनवरी, 2021 तक पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाए जाने जरूरी हैं, जो कि एक्ट में प्रावधान है। वहीं शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव 18 जनवरी तक होने जरूरी हैं। आयोग का विचार था कि अक्तूबर महीने में इस काम को कर दिया जाएगा मगर कोरोना महामारी के चलते इस समय में चुनाव पर संशय है। अभी भी यह कहा जा रहा है कि यह चुनाव जनवरी महीने में या फिर इससे पहले दिसंबर महीने तक करवाए जा सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2020

इस साल होने वाले हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2020 अपने निर्धारित समय पर ही होंगे। कोरोना महामारी के कारण जो भी स्थिति बनेगी उस पर प्रदेश सरकार जून माह में समीक्षा करेगी और मंत्रिमंडल की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह बात शनिवार को पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर (Minister Virendra Kanwar) ने ऊना में मीडिया से बातचीत करते हुए कही। वहीं, वीरेंद्र कंवर ने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा 20 लाख करोड़ के विशेष राहत पैकेज की घोषणा पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने के लिए उचित कदम उठा रहे है। वैश्विक महामारी के दौरान पीएम ने 20 लाख करोड़ का जो आर्थिक पैकेज दिया है, उससे गांव-गरीब की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2020

इस बार चुनाव में हो सकता है EVM मशीन का उपयोग

प्रदेश की पंचायतों के 2020 में होने वाले चुनाव में मतदान के लिए ईवीएम का इस्तेमाल करने पर विचार हो रहा है। इसके लिए नई ईवीएम खरीदने के लिए कंपनियों से राज्य चुनाव विभाग के अधिकारियों ने चर्चा भी की है। सूत्रों के अनुसार चुनाव में ट्रायल के तौर पर ईवीएम का इस्तेमाल कुछ पंचायतों में हो सकता है। प्रदेश में कुल 3226 पंचायतें हैं। अभी तक पंचायतों में चुनाव बैलेट पेपर से ही होता है। जिन ईवीएम का इस्तेमाल विधानसभा, नगर निगम और नगर निकाय चुनाव में होता है, पंचायतों के चुनाव में उनका प्रयोग नहीं हो सकता है।

हिमाचल पंचायत चुनाव पर क्या कहा मंत्री वीरेंद्र कंवर ने

कैबिनेट से चर्चा के बाद ही इस पर अंतिम फैसला होगा। मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कोरोना के बीच एहतियात बरतते हुए जीवन पटरी पर लाना होगा। देश के अन्य राज्यों से लौटे लोगों को भी रोजगार देना अब सरकार की जिम्मेवारी है। हिमाचल में दिसंबर में प्रस्तावित पंचायत चुनाव (panchayat election 2020)पर भी कोरोना वायरस का साया पड़ता दिख रहा है। हालात सामान्य रहे तो समय पर चुनाव होंगे। अगर वायरस का प्रकोप ऐसे ही बढ़ता रहा तो कुछ माह चुनाव टल सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पर अभी फैसला लेना जल्दबाजी होगी। जून अंत तक इंतजार करना चाहिए।

कांग्रेस ने पंचायत चुनाव को लेकर कही ये महत्वपूर्ण बात

हालांकि कांग्रेस सरकार ने उनकी इस मांग को पूरा नहीं किया लेकिन जयराम सरकार ने पंचायती राज कर्मचारियों की करीब 8 से 10 साल पुरानी इस मांग को पूरा कर दिया। सरकार की इस विंग में अब अधीक्षण अभियंता लेवल के अधिकारी को बैठाने की योजना है। अभी इस विंग की स्थापना हुई है। धीरे-धीरे इसे मजबूत किया जाएगा। तकनीकी विंग की स्थापना के आठ माह बाद भी पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू न होने के सवाल पर मंत्री का कहना था कि अब यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब सरकार की तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव व जीआरएस कर्मचारियों की नई नियुक्ति करने की योजना है।

प्रदेश में वर्तमान में 3226 पंचायतें हैं, जबकि शहरी स्थानीय निकायों की संख्या 52 हैं। इनके अलावा राज्य में दो नगर निगम भी हैं, जिसमें शिमला और धर्मशाला के नाम हैं। ये दोनों स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में हैं। अभी नगर निगमों में चुनाव नहीं होने हैं, जबकि शहरी स्थानीय निकाय व पंचायतों के चुनाव होंगे। रिजर्वेशन, वार्डबंदी ऐसे खाके के अनुसार वाडर्ोें की डिलीमिटेशन का प्रोपोजल छह जुलाई तक सामने लाया जाएगा। इस पर आपत्तियां व सुझाव देने के लिए समय 16 जुलाई तक का रखा गया है, वहीं इसके 10 दिन की अवधि में आपत्तियों का निपटारा करना होगा, जो कि जिलाधीशों के सामने होगा। वहां से मामले मंडलायुक्तों के पास जाएंगे, जहां से भी अगले 10 दिन में इनका निपटारा कर दिया जाएगा।

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